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टाइम ट्रैवल या समय यात्रा... क्या ऐसा संभव है...?

 टाइम ट्रैवल या समय यात्रा... क्या ऐसा संभव है...? 

          
       मनुष्य का दिमाग...! अपने आप में अजीब है... क्या क्या विचार कर लेता है... और जो विचार कर लेता है, उस विषय पर अपने जीवन की बाजी लगा लेता है... और उस विचार को क्रियान्वित करके ही दम लेता है... ऐसे ही अगर आज से 50 वर्ष पहले कोई कहता कि निकट भविष्य में टेक्नोलॉजी इतनी विकसित हो जाएगी कि दो व्यक्ति दूर बैठकर आमने सामने बात कर सकेंगे... या कोई अपने घर में बैठे बैठे ही बैंक के काम कर सकेगा, अखबार पढ़ सकेगा, फिल्में देख सकेगा, गाने सुन सकेगा या कुछ भी एक यंत्र से कर लेगा तो... कोई विश्वास कर सकता था...? इसे सिर्फ कल्पना ही कहता... ऐसा संभव नहीं हो सकता... लेकिन आज ये संभव है... आज सबकुछ एक यंत्र यानी मोबाइल से हो सकता है और भविष्य में इस तकनीक में और विकास होगा...! इसी तरह बहुत सारी टेक्नोलॉजी, जो आज अस्तित्व में है, लेकिन पिछले 2 या 3 दशकों पहले नहीं थी... उस समय इस टेक्नोलॉजी की कल्पना ही नहीं की जा सकती थी...लेकिन आज...?
ठीक इसी तरह टाइम ट्रैवल या समय यात्रा के विषय में हम विचार रखते हैं, बस इसे एक विज्ञान फंतासी देते हैं... लेकिन... जब मनुष्य के दिमाग ने ये विचार कर लिया है तो ये होकर रहेगा... या फिर संभव है, हो गया हो... और इसके खतरों को देखते हुए इस तकनीक को आम जन से बचाकर रखा हो... निकट भविष्य में संभव है कि टाइम ट्रैवल मोबाइल तकनीक की तरह बिल्कुल आम बात हो जाए...! 

समय यात्रा या टाइम ट्रेवल की  पौराणिक घटना 

         पुराणों में एक घटना का उल्लेख आता है.... कि सतयुग में सम्राट रेवत हुआ करते थे, बहुत ही न्यायप्रिय राजा थे इनकी एक पुत्री थी रेवती... महाराज रेवत ने अपनी पुत्री रेवती को उच्च कोटि की शिक्षा दिलवाई, अच्छे संस्कार दिए... समय के साथ राजकुमारी रेवती बड़ी हुई... महाराज रेवत को अपनी पुत्री के लिए किसी योग्य वर की चिंता होने लगी... उन्होंने अपनी पुत्री के लिए योग्य वर ढूंढा लेकिन उनको कोई भी अपनी पुत्री के योग्य नहीं लगा... एक दिन महाराज रेवत अपनी पुत्री रेवती को साथ लेकर ब्रह्मलोक चले गए... जिस समय महाराज ब्रह्मलोक पहुंचे वहां वेदों का पाठ चल रहा था... महाराज रेवत ने पाठ समाप्त होने की प्रतीक्षा की... पाठ समाप्त होने में दो घड़ी का समय लग गया... पाठ समाप्त होने के बाद रेवत की ब्रह्माजी से भेंट हुई... महाराज रेवत ने अपने आने के कारण सहित सारी चिंताएं ब्रह्माजी के सामने रख दी... रेवत की बातें सुनकर ब्रह्माजी मुस्कुराए और बोले कि आप जितने समय यहां रुके हैं, इतने समय में पृथ्वी पर दो युग बीत गए हैं... सतयुग और त्रेता... अब पृथ्वी पर द्वापर युग चल रहा है, अब आप जाइए और श्रीकृष्ण के भाई बलराम से अपनी पुत्री रेवती का विवाह कर दीजिए... श्री कृष्ण भगवान विष्णु के अवतार हैं... बलराम शेषनाग के...! महाराज रेवत जब पृथ्वी पर आए तो पाया कि मनुष्य, जीव, जंतु, पशु पक्षी आदि सभी की आयु और आकार बहुत ही छोटे हो गए हैं... महाराज रेवत अपनी पुत्री के साथ श्रीकृष्ण से मिलने गए तो उनकी लंबाई देखकर निराश हो गए... और अपनी चिंता श्रीकृष्ण और बलराम को बताई तो बलराम ने अपने हल को रेवती के सिर पर रख दिया... इतना करते ही रेवती की लंबाई बलराम के बराबर हो गई और बलराम और रेवती का विवाह संपन्न हुआ...! 

ये पौराणिक घटना टाइम ट्रैवल की प्रथम ज्ञात घटना हो सकती हैं...! इसी प्रकार आधुनिक काल में भी बहुत सारी घटनाएं हुईं हैं लेकिन उनकी विश्वसनीयता नहीं है...! 

स्टीफन हॉकिंग   

              ब्रिटिश वैज्ञानिक स्टीफन हाकिंग ने इस थ्योरी को परखने के लिए एक प्रयोग किया, सन 2009 में उन्हीने एक पार्टी रखी जिसमे किसी को इन्वाइट नहीं किया गया, लेकिन व्यवस्था पूरी की गई, शराब, भोजन, संगीत आदि सबकी व्यवस्था की गई, इस पार्टी के एक दिन बाद स्टीफन हॉकिंग ने इस पार्टी के लिए इन्विटेशन कार्ड छपवाए, उसमें ये लिखा कि भूतकाल में इस डेट को मैंने एक पार्टी रखी है और इसमें सभी टाइम ट्रैवलर या समय यात्री आमंत्रित हैं... खास बात ये है कि इस पार्टी में और कोई नहीं आया, सिर्फ स्टीफन हॉकिंग ही थे, और कोई नहीं... ये बात खुद स्टीफन हॉकिंग ने बताई थी... या संभव है कि इस पार्टी में कोई मेहमान आया हो... और... स्टीफन हॉकिंग ने ये बात जानबूझकर छिपाई हो... क्योंकि हर बात के अपने प्रोटोकॉल होते हैं... जिससे किसी प्रोटोकॉल के तहत स्टीफन हॉकिंग को ये बात सार्वजनिक नहीं करने दिया गया हो... कुछ भी संभव है...! ये बात भी अपने आप में रहस्य है...!

सेन्टियागो एयरलाइंस की EWA-513 विमान के गुम होने के गुम होने के 35 साल बाद रहस्यमय तरीके से अचानक प्रकट होना.

     ये घटना अपने आप में मानव इतिहास की सबसे रहस्यमय घटना है... 4 सितंबर 1954 में... वेस्ट जर्मनी के (उस समय तक जर्मनी एकीकृत नहीं था) अखेह एयरपोर्ट से... सेंटियागो एयरलाइंस के एक प्लेन ने ब्राजील के ओटो एलगेर के लिए उड़ान भरी लेकिन उड़ान के कुछ ही देर बाद अटलांटिक महासागर के ऊपर ये प्लेन रडार से गायब हो गया... एटीसी की लाख कोशिशों के बाद भी इस प्लेन का कोई सुराग नहीं मिला... ना ही इस विमान के मलबे या किसी यात्री का कोई पता चला... इस विमान में 88 यात्रियों और 4 क्रू मेंबर्स सहित कुल 92 यात्री सवार थे... जांच के बाद इन सभी को मृत और प्लेन को लापता घोषित कर दिया गया...!
35 साल बाद... 12 अक्टूबर 1989 को दोपहर के समय यही विमान ब्राजील के ओटो एल्गेर के आकाश में दिखाई दिया और... एयरपोर्ट पर लैंडिंग की तैयारी करने लगा... ये देख एयरपोर्ट स्टॉफ ने इस प्लेन से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कोई संपर्क नहीं हो पाया... सब अचंभित थे कि कोई भी विमान बिना अनुमति और बिना संपर्क साधे किसी भी एयरपोर्ट पर लैंडिंग कैसे कर सकता है... आनन फानन में एयरपोर्ट खाली किया गया और इस विमान ने लैंडिंग की... एकदम परफेक्ट लैंडिंग थी... विमान एकदम नया लग रहा था... एयरपोर्ट स्टॉफ उस समय चकित रह गया जब उस विमान पर सेंटियागो एयरलाइंस कंपनी का नाम देखा, क्योंकि ये एयरलाइंस 1956 में ही बंद हो चुकी थी, यानी इस विमान के गायब होने के दो साल बाद... कैसे संभव है कि ये विमान बंद हो चुकी एयरलाइंस का हो और अभी भी बिल्कुल नया और स्टार्ट हो...? काफी देर तक जब विमान में से कोई बाहर नहीं निकला तो... स्टाफ ने उस विमान को खोलने का निर्णय लिया... जब अंदर जाकर देखा तो किसी को विश्वास ही नहीं हुआ... क्योंकि सारे यात्री अपनी अपनी सीटों पर ही थे लेकिन मृत और कंकाल में तब्दील... क्रू मेंबर्स और पायलट मिगुल विक्टर क्युरी भी बाकी यात्रियों की तरह कंकाल में परिवर्तित हो चुके थे... यहां महत्वपूर्ण बात ये थी कि पायलट मिगुल विक्टर क्यूरी का हाथ लैंडिंग गियर पर था... और बिल्कुल सही पोजिशन में भी... विमान अभी भी स्टार्ट था...! कोई भी मरा हुआ इंसान किसी पायलट को कैसे लैंडिग करा सकता है, वो भी बिल्कुल परफेक्ट लैंडिंग...?
 ब्राजील सरकार ने इस घटना को...  पैनिक ना फैले इसलिए ज्यादा बाहर नहीं आने दिया... आज भी ये विमान ब्राजील के उस एयरपोर्ट पर खड़ा है...! 
इस बात का किसी के पास कोई जवाब नहीं है... कि  35 वर्ष गायब रहने के कोई विमान अचानक कैसे प्रकट हो सकता हैं, वो भी उसी कंडीशन में....


इस प्रकार की बहुत सारी घटनाएं हुईं हैं इतिहास में... कई घटनाओं को सत्ता  ने कभी आम लोगों के सामने आने ही नहीं दिया... संभव है आज के युग में टाइम ट्रैवलिंग होती हो और बहुत ही सीमित लोगों तक ही इसकी जानकारी हो... इसके नियम कायदे हों, कोई प्रोटोकॉल होते हों... संभव है बहुत ही निकट भविष्य में ये तकनीक आम लोगों के लिए उपलब्ध हों...! अगर ऐसा हुआ तो आप भूतकाल में किस इन्सान से मिलना पसंद करेंगे... कमेंट करके जरूर बताइए...!



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